-प्रदेश में बढ़ते महिला अपराधों के मद्देनजर ट्रेनिंग होगी अनिवार्य
भोपाल। प्रदेशभर में करीब 2 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत छात्राओं को एक साथ सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत तीन माह तक स्कूलों में होगी। प्रदेश में बढ़ते महिला अपराध को देखते हुए अब सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए यह ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के स्कूलों से छात्राओं की सूची मांगी है। जिस स्कूल में 100 छात्राएं होंगी, उन स्कूलों में सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी। सभी जिलों ने सूची भी भेज दी है।भोपाल जिले के 48 स्कूलों और 2 छात्रावासों में ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल जहांगीराबाद, शासकीय कन्या हासे स्कूल सुल्तानिया, शासकीय नवीन कन्या हासे स्कूल तुलसीनगर, बैरसिया शासकीय हासे हराखेड़़ा व स्र्नाहा, सरोजनी नायडू कन्या स्स्कूल, शाउमावि जहांगीराबाद आदि शामिल है। विभाग ने स्कूलों में सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग के लिए 1 अक्टूबर को निर्देश दिए थे, लेकिन अब इसे अनिवार्य कर दिया गया है। जिन स्कूलों ने अभी तक छात्राओं और ट्रेनरों की सूची नहीं तैयार की है, उन्हें जल्द से जल्द सूचनी बनाने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छात्राओं को ब्लैक बेल्ट के लिए सर्टिफिकेट कोर्स कराया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसमें जूडो-कराते और मार्शल आर्ट के तहत बचाव से जुड़ी ट्रेनिंग छात्राओं को विशेष तौर पर दी जाएगी। इसके अलावा स्कूलों में प्रतिदिन होने वाले खेलकूद और शारीरिक व्यायाम की गतिविधियों में भी शामिल किया जाएगा। स्कूलों में इसके पाठ भी पढ़ाएंगे, जिसमें बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में भी समझाया जाएगा। प्रत्येक स्कूल में तीन माह तक ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए विभाग प्रत्येक स्कूल को प्रत्येक माह का 3 हजार, यानि तीन माह का 9 हजार स्र्पए देगा। विभाग ने यह निर्देश दिए हैं कि जिन स्कूलों में कराते कोच नहीं हैं, वे बाहर से ट्रेनर की व्यवस्था करें। हर रोज एक या दो घंटे की स्पेशल सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग छात्राओं को दी जाएगी। इस बारे में राज्य नोडल अधिकारी राजेन्द्र सिंह तोमर का कहना है कि कई जिलों के स्कूलों से छात्राओं की सूची प्राप्त हो गई है। इसमें प्रदेश के एक साथ 2 हजार स्कूलों में तीन माह तक छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी।